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पटना जू बनेगा और आधुनिक, 23 पदों पर भर्ती के साथ 10 करोड़ की विकास योजनाओं को मिली रफ्तार

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पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में बड़े स्तर पर विकास कार्य होंगे। 23 नए पदों पर भर्ती, 10 करोड़ रुपये की परियोजनाएं, आधुनिक प्रवेश द्वार, ट्री वॉक, टॉय ट्रेन, नए वन्यजीव और पर्यटकों के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की जाएंगी।

पटना/आलम की खबर:राजधानी पटना का संजय गांधी जैविक उद्यान आने वाले समय में एक नए और आधुनिक स्वरूप में दिखाई देगा। राज्य सरकार और जू प्रशासन ने उद्यान को राष्ट्रीय स्तर के आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं के तहत न केवल जू के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, बल्कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नए वन्यजीवों को शामिल करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित यह विकास योजना पटना जू की तस्वीर बदलने वाली मानी जा रही है।

जू प्रशासन का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है। छुट्टियों, त्योहारों और सप्ताहांत में बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। ऐसे में मौजूदा संसाधनों और कर्मचारियों के सहारे व्यवस्था संभालना चुनौती बनता जा रहा था। इसी को देखते हुए प्रशासन ने 23 नए पदों पर नियुक्ति का निर्णय लिया है। इन नियुक्तियों से सुरक्षा व्यवस्था, पशु देखभाल, साफ-सफाई, उद्यान प्रबंधन, पर्यटक सुविधा और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

लंबे समय से जू में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की मांग भी इस योजना में शामिल की गई है। प्रशासन ने उनके मासिक मानदेय में दो हजार रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। कर्मचारियों का कहना था कि बढ़ती महंगाई के बीच पुराने मानदेय पर काम करना कठिन हो रहा था। अब इस फैसले से उनके मनोबल में वृद्धि होगी और कार्य क्षमता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

विकास योजना के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि का उपयोग चरणबद्ध तरीके से विभिन्न परियोजनाओं पर किया जाएगा। जू प्रशासन का उद्देश्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे परिसर को ऐसा स्वरूप देना है जहां पर्यटक आधुनिक सुविधाओं के साथ प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें।

सबसे पहले जू के मुख्य प्रवेश द्वारों में बड़ा बदलाव किया जाएगा। गेट नंबर-1 और गेट नंबर-2 का आधुनिक तरीके से पुनर्निर्माण होगा। यहां नए डिजाइन के प्रवेश द्वार, डिजिटल टिकट काउंटर, स्मृति चिन्ह खरीदने के लिए सोवेनियर शॉप, क्लॉक रूम तथा बेहतर प्रतीक्षा क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त खुली जगह भी तैयार की जाएगी ताकि छुट्टियों के दौरान लोगों को लंबी कतारों और अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।

पर्यटकों के अनुभव को यादगार बनाने के लिए लगभग 100 मीटर लंबा ट्री वॉक तैयार करने की योजना बनाई गई है। आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद इसका निर्माण शुरू होगा। ट्री वॉक के माध्यम से लोग पेड़ों की ऊंचाई से हरियाली और प्राकृतिक वातावरण का अलग अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा पूरे जू परिसर में 15 आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे, जहां आने वाले पर्यटक परिवार और दोस्तों के साथ तस्वीरें ले सकेंगे।

जू प्रशासन पर्यटकों की बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। परिसर में नए फूड कियोस्क, आधुनिक कैफेटेरिया, अतिरिक्त वाटर कूलर, स्वच्छ शौचालय और बैठने की बेहतर व्यवस्था विकसित की जाएगी। बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि पूरे दिन का भ्रमण अधिक आरामदायक बन सके।

हाल ही में पटना जू में कई नए वन्यजीव भी पहुंचे हैं, जिनमें सफेद बाघिन, दुर्लभ संगाई हिरण और ग्रीन इगुआना प्रमुख हैं। फिलहाल इन्हें निर्धारित क्वारंटीन और स्वास्थ्य परीक्षण प्रक्रिया से गुजरना होगा। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन्हें पर्यटकों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। जू प्रशासन का मानना है कि इन नए वन्यजीवों के आने से पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होगी।

लंबे समय से बंद पड़ी टॉय ट्रेन सेवा को भी फिर से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। बच्चों और परिवारों के बीच यह सुविधा पहले काफी लोकप्रिय रही है। इसके दोबारा शुरू होने से जू भ्रमण और अधिक रोमांचक बनेगा। साथ ही पूरे परिसर में पर्यावरण के अनुकूल इको-फ्रेंडली बेंच, आकर्षक कलाकृतियां, हरित सजावट और लैंडस्केपिंग का भी काम किया जाएगा।

पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी योजनाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं तो पटना जू न केवल बिहार बल्कि पूर्वी भारत के प्रमुख जैविक उद्यानों में अपनी अलग पहचान बना सकता है। आधुनिक सुविधाएं, बेहतर प्रबंधन और नए आकर्षण राज्य के पर्यटन को भी नई गति दे सकते हैं।

जू प्रशासन का कहना है कि सभी विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे ताकि पर्यटकों को कम से कम असुविधा हो। निर्माण कार्य के दौरान भी जू आम लोगों के लिए खुला रहेगा और आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा।

इन योजनाओं के पूरा होने के बाद पटना का संजय गांधी जैविक उद्यान केवल वन्यजीव देखने का स्थान नहीं रहेगा, बल्कि परिवारों, बच्चों, विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आधुनिक मनोरंजन एवं शिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित होगा।

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पटना जू का आधुनिकीकरण पर्यटन को देगा नई पहचान

संजय गांधी जैविक उद्यान में प्रस्तावित विकास योजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने का प्रयास हैं। आधुनिक सुविधाएं, बेहतर प्रबंधन और नए आकर्षण पर्यटकों के अनुभव को पहले से अधिक यादगार बना सकते हैं।

साथ ही कर्मचारियों की भर्ती और वेतन वृद्धि का फैसला भी स्वागत योग्य है। इससे जू के संचालन में सुधार आएगा और वन्यजीवों की देखभाल भी बेहतर होगी। यदि सभी योजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो पटना जू आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख जैविक उद्यानों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

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